जयादातर लोग लक्ष्य नहीं तय करपाते उसके कई कारण होते हे ! यहां पर मेरा इरादा यह हे की आप उस सामान्य कारण को जाने, उस बहानेबाजी को समजे जो आमतौर पर लोग देते हे, की क्यों वे लक्ष्य तय नहीं करते और में चाहता हु की आप अवश्य इस बहानेबाजी की बीमारी से दूर रहे !

कारण  १: निराशावादी नजरिया : हमेशा अड़चने और बाधाओं को बारे में बात करते हैं, ना की क्या हो सकता है या संभव है?

कारण २ : असफलता का डर : यह लोग सिर्फ यह सोचकर शरुआत भी नहीं कर पाते की यदि में निष्फल हो गया तो ? लोग मुजे “हारा हुआ या पराजित ” का तेग लगाये इस से तो अच्छा है में जैसा है वैसा ही रहू!

कारण ३ : सफलता का डर : अपनी काबेलियातो को कम आंकते है, और सोचते है सफलता मेरा हक़ नहीं है, में उसके लायक नहीं हू !

कारण ४ : महत्तवकांक्षा का अभाव : कई लोगो में अपनी आरामदायक जीवन शैली की वजह से महत्तवकांक्षा, अभिलाषा का अभाव होता है? वह बेहतर बनने के लिए ! थोड़ा दबाव लेना नहीं चाहते वे पैदाइसी सहज आलसी प्रकृति के होते है!

कारण ५ : नकार ने का डर : लगातार सोचते रहते है लोग मेरे बारे में क्या कहेंगे ? मुझपर हँसे गए तो नहीं ? अगर परिणाम प्राप्त ना कर सका, विफल हुवा तो समाजमे बदनामी होगी !

कारण ६ : टलमलोत : ऐसे लोग हमेशा, एक सही समय, सही मौका, सही लोग, सही जगह तलाशते रहेते है, यह लोग पूरी जिंदगी यह सोचने में बिता देते है, “एक दिन अपने आप ही सबकुछ होगा, इन्हे जीवनभर कुछ चमत्कार होने की आशा होती है!

कारण ७ : लक्ष्य तय करने का तरीका न जानना : कई लोग यह सोचते ही नहीं की उन्हें लक्ष्य तय करने के लिये कोई गाइड या ट्रेनिंग की सहायता लेनी चाहिए, मार्गदर्शक लेना चाहिये, वे किताब नहीं पढ़ते, ना ही उन लोनो मिलते है, जिन्होंने कोई लक्ष्य को पाया था, नाही कोई सवाल करते है, वे जीवनभर सखत महेनत करते है जितना उसे पता है उसी पर.